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Business — हिंदी में

Business कैलकुलेटर श्रेणी में GST इन्वॉइस, प्रॉफिट/लॉस, ROI, ब्रेक-इवन, मार्क-अप और कैश-फ्लो टूल्स हैं जो भारतीय MSME और छोटे कारोबारियों के लिए बने हैं। चाहे आप किराना दुकान चलाएँ, फ्रीलांस कंसल्टिंग करें, या Amazon/Flipkart पर सेलर हों — ये टूल्स बिना Tally या Zoho खरीदे बेसिक हिसाब-किताब करवाते हैं।

8 मुफ्त टूल्स — बिना साइनअप

सभी Business (8 टूल्स)

सामान्य उपयोग

1

GST इन्वॉइस बनाना — CGST, SGST, IGST का अलग-अलग ब्रेक-डाउन HSN कोड के साथ

2

₹10 लाख निवेश से शुरू बिज़नेस का ब्रेक-इवन प्वाइंट निकालना

3

तीन महीनों का प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट तैयार करना — रेवेन्यू, खर्च और शुद्ध लाभ के साथ

4

मार्क-अप और मार्जिन का अंतर समझना — किसी प्रोडक्ट पर 30% मार्क-अप का अर्थ क्या है

भारत के लिए विशेष

GST टूल्स में 5%, 12%, 18%, 28% की चारों स्लैब शामिल हैं। इन्वॉइस फ़ॉर्मेट GST Rules 2017 के अनुसार है — इसमें GSTIN फ़ील्ड, HSN/SAC कोड और राज्य कोड हैं। ROI और मार्जिन कैलकुलेटर भारतीय करेंसी प्रारूप (₹, लाख, करोड़) में नतीजे दिखाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या GST इन्वॉइस यहाँ बना कर सीधे ग्राहक को भेज सकते हैं?
हाँ। बना हुआ इन्वॉइस PDF में डाउनलोड करके WhatsApp या Email पर भेज सकते हैं। यह GST Rules 2017 के अनुसार वैध फ़ॉर्मेट में होता है, बस आपका GSTIN और साइनेचर जोड़ना है।
मार्क-अप और मार्जिन में क्या अंतर है?
मार्क-अप = (बिक्री मूल्य − लागत) ÷ लागत × 100 — लागत के ऊपर कितना जोड़ा। मार्जिन = (बिक्री मूल्य − लागत) ÷ बिक्री मूल्य × 100 — बिक्री से कितना मुनाफ़ा। 50% मार्क-अप = केवल 33% मार्जिन।
क्या ये टूल्स छोटे दुकानदारों के लिए हैं?
बिल्कुल। ज़्यादातर छोटे व्यवसाय Tally, Zoho या Vyapar सॉफ्टवेयर का सब्सक्रिप्शन नहीं ले सकते। ये मुफ्त टूल्स रोज़मर्रा के GST, प्रॉफिट और कैश-फ्लो हिसाब के लिए पर्याप्त हैं।

अंग्रेज़ी में और भी जानकारी

Business पर हमारी पूरी अंग्रेज़ी गाइड में 800+ शब्दों का विवरण, मुख्य फ़ीचर्स, और चयन-गाइड शामिल हैं।

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